पौराणिक धरोहर एक पंजीकृत ट्रस्ट है जिसकी स्थापना 28 अक्टूबर 2022 को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से की गई। हमारा मुख्यालय गली नंबर 14, आज़ाद कॉलोनी, खालसा कॉलेज के निकट, यमुनानगर, हरियाणा में स्थित है और यह संस्था श्री सोम प्रकाश (अध्यक्ष) के नेतृत्व में कार्यरत है।
हमारा उद्देश्य भारत के प्राचीन मंदिरों, तीर्थस्थलों, शक्तिपीठों, धार्मिक परंपराओं, पौराणिक कथाओं तथा सनातन ग्रंथों से जुड़े ज्ञान को प्रमाणिक एवं शोध-आधारित रूप में जन-जन तक पहुँचाना है। हम भारतीय संस्कृति की उन अमूल्य धरोहरों को उजागर करने का प्रयास करते हैं जो समय के साथ लोगों की जानकारी से दूर होती जा रही हैं।
पौराणिक धरोहर का विश्वास है कि हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत केवल इतिहास नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इसलिए हम डिजिटल मीडिया, शोध, शिक्षा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
हम सभी धर्मों, आस्थाओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए ज्ञान, संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए समर्पित हैं। हमारा लक्ष्य भारत की गौरवशाली सभ्यता, आध्यात्मिक ज्ञान और सांस्कृतिक मूल्यों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।
हमारा संकल्प
“भारतीय संस्कृति, इतिहास और आध्यात्मिक विरासत को संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना।”
Vision (दृष्टि)
भारत की प्राचीन धरोहर, संस्कृति और आध्यात्मिक ज्ञान को विश्वभर में सम्मानपूर्वक स्थापित करना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना।
Mission (मिशन)
प्रमाणिक शोध, शिक्षा, जागरूकता और डिजिटल माध्यमों के द्वारा भारत की सांस्कृतिक एवं पौराणिक विरासत का संरक्षण और प्रचार-प्रसार करना।