About Us

पौराणिक धरोहर भारत की प्राचीन ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से समर्पित एक मंच है। हमारा प्रयास उन दिव्य स्थलों, प्राचीन मंदिरों, मठों, शक्तिपीठों, तीर्थों और रहस्यमयी स्थानों की जानकारी प्रस्तुत करना है, जिनका उल्लेख सनातन ग्रंथों, वेदों, उपनिषदों, पुराणों और अन्य धार्मिक साहित्य में मिलता है।

हमारी प्रस्तुतियाँ गहन अध्ययन, ऐतिहासिक शोध, विद्वानों के विचारों, धार्मिक ग्रंथों तथा उपलब्ध प्रमाणों पर आधारित होती हैं। हमारा उद्देश्य दर्शकों को भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराना तथा उसके संरक्षण और महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

पौराणिक धरोहर किसी भी धर्म, जाति, समुदाय, पंथ या व्यक्ति विशेष की भावनाओं को आहत करने का उद्देश्य नहीं रखता। हम सभी आस्थाओं और परंपराओं का सम्मान करते हुए केवल ज्ञान, इतिहास और संस्कृति के प्रसार के लिए कार्यरत हैं।

हमारा विश्वास है कि भारत की प्राचीन विरासत केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा का स्रोत है। इसी भावना के साथ हम आपको भारत के गौरवशाली इतिहास, आध्यात्मिक परंपराओं और अनसुनी पौराणिक कथाओं से जोड़ने का निरंतर प्रयास करते हैं।

पौराणिक धरोहर के उद्देश्य

President Message

पौराणिक धरोहर

स्थापना तिथि: 28 अक्टूबर 2022
पंजीकरण स्वरूप: ट्रस्ट (Trust)
मुख्यालय: गली नंबर 14, आज़ाद कॉलोनी, खालसा कॉलेज के निकट, यमुनानगर, हरियाणा
मुख्य संपर्क: श्री सोम प्रकाश (अध्यक्ष)


हमारा मिशन

पौराणिक धरोहर का मिशन भारत की प्राचीन सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार करना है। हम प्राचीन मंदिरों, तीर्थस्थलों, पौराणिक कथाओं, सनातन ग्रंथों तथा भारत की गौरवशाली परंपराओं से संबंधित प्रमाणिक एवं शोध-आधारित जानकारी जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

हमारा उद्देश्य डिजिटल माध्यमों, ऐतिहासिक अनुसंधान, प्रेरणादायक कथाओं और आध्यात्मिक ज्ञान के माध्यम से लोगों को अपनी जड़ों से जोड़ना, भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए इस अमूल्य धरोहर को सुरक्षित रखना है।


 

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